How to Check Earth Resistance | How to Check Earth Resistance with Earth Tester

एक बार अगर आप Earthing कर देते हैं, तो Earthing करने के बाद हमें उस Earthing पिट को ढक देते हैं। उसके बाद हमें वह Earthing तो ऐसे दिखाई नहीं देती। हमे सिर्फ Earthing Wire ही दिखाई देता है। अब वह Earthing Wire, Earthing पिट में सही से जुड़ी हुई है या नहीं, जो Earth Electrode है वह सही है या कही खराब तो नहीं हो चुका है। यह हम सब यह सब हम कैसे पता करेंगे। तो इसके बारे में इस पोस्ट में बात करने वाले हैं।

Earthing चेक करने के तरीके?

Earthing को हम साधारण दो तरीकों से चेक कर सकते हैं जोकि हमने नीचे बताए हैं।

  • Test Lamp के द्वारा
  • Earth Tester के द्वारा

Test Lamp के द्वारा

तो इसके लिए सबसे पहले आप क्या करेंगे। तो मान लीजिए आपको आपके घर में या आपके ऑफिस में कहीं पर भी अगर Earthing की हुई है, और आपके वहां पर जो Three Pin Socket लगे हैं उनमें भी आपने जो Earthing वाली पिन होती है, उसमें वह Earthing जोड़ी हुई है तो वो Earthing सही है या नहीं यह चेक करने के लिए सबसे पहले आप एक लोकल तरीका भी अपना सकते हैं।

इसके लिए आपको एक Test Lamp लेना होगा और Test Lamp में जो दो वायर लगे होते हैं, उनमें से एक तार आपको Three Pin Socket में जो Earthing वाली पिन होती है उसमें लगानी है। और Test Lamp की जो दूसरी वायर है वह आपको Three Pin Socket में फेस वाली पिन में लगानी है। अगर आपको ये नही पता कि Three Pin Socket में फेस वाली पिन कौनसी होती है, तो आपको बता दे Three Pin Socket में अगर आप बाहर की तरफ से देख रहे हैं, तो आपके राइट हैंड साइड वाली पिन फेज वाली होती है।

Test Lamp के दोनों वायर लगाने के बाद आपको उस सॉकेट का जो स्विच है उसको ऑन कर देना है। स्विच ऑन करने के बाद अगर आपका Test Lamp सही से पूरी तरह जल रहा है, तो इसका मतलब यह है कि जो Earthing है, वो सही तरह से काम कर रही है। और अगर ऐसा करने पे Test Lamp हल्का-हल्का जल रहा है, तो इसका मतलब आपको समझ जाना चाहिए कि जो Earthing है वह सही तरीके से काम नहीं कर रही है। यह तो हो गया एक लोकल तरीका। लेकिन अगर आपको बिल्कुल एक्यूरेट पता करना है कि Earthing सही से काम कर रही है या नहीं कर रही है। जो Earthing का स्टैंडर्ड होता है उसका रजिस्टेंस उतना है या नहीं है, तो उसके लिए आपको Earth Tester की सहायता से Earthing को चेक करना पड़ेगा।

Earth Tester के द्वारा

Earth Tester मैगर की तरह ही होता है। लेकिन इसमें थोड़ा सा अंतर होता है। Earth Tester में AC सप्लाई की मदद से Earthing को टेस्ट किया जात है। जबकि जो मेगर में एक छोटा सा डीसी जनरेटर लगा होता है। उसकी मदद से हम Earthing को चेक करते हैं। अब Earth Tester की बात करें तो Earth Tester में 3 टर्मिनल होते हैं। वैसे अगर आप देखोगे तो Earth Tester में आपको चार टर्मिनल मिलेंगे, लेकिन इनमें से दो टर्मिनल को आपस में शार्ट किया जाता है।

तो ऐसे में सिर्फ तीन टर्मिनल ही हो जाते हैं। इनमें करंट कॉइल और प्रेशर कॉइल होती हैं। करंट कॉइल सीरीज में जुड़ी होती है, और प्रेशर कोई पैरेलल में जुड़ी होती है। इसके साथ Earth Tester में एक छोटा सा एसी जनरेटर होता है, जिसको हाथ से घुमाना होता है। और घुमाने की बात की जाए तो आपको इसे 160 RPM पे घुमाना होता है। इसमें जो C1 और P1 टर्मिनल होते हैं उनको आप आपस में शार्ट करके अर्थ इलेक्ट्रोड के साथ कनेक्ट करना होता है।

काफी सारे Earth Tester ऐसे भी आते हैं जिनमें C1 और P1 यह दोनों टर्मिनल पहले से ही शॉर्ट होते हैं। तो इसमें कंफ्यूज होने वाली बात नहीं होनी चाहिए। उसके बाद जो इसके टर्मिनल होते हैं C2 और P2 उनको हमें Earth Electrode  से अलग जमीन में कनेक्ट करना होता है। जिनको इसके लिए हमें दो टेंपरेरी रोड लेनी है, जिनको स्पाइक बोला जाता है। अगर इन स्पाइक यानी कि जो टेंपरेरी रोड होती हैं, इनकी लंबाई 1 से डेढ़ फिट तक हो सकती है। और इनको हमें लगाना कहां है वह हम आपको बता देते हैं।

Read More:-

तो जहां पर भी हमारा Earth Electrode है उसके साथ हमने C1 और P1 टर्मिनल को कनेक्ट करना है  उसके बाद हमें Earth Electrode से 12.5 फीट की दूरी पर एक रोड लगाकर उसके साथ हमें Earth Tester C2 टर्मिनल कनेक्ट कर देना है। उसके बाद इस रोड से और 12.5 फीट दूर यानी Earth Electrode से 25 फीट दूरी पर दूसरे स्पाइक को ठोक के उसके साथ Earth Tester के P2 टर्मिनल को कनेक्ट कर देना है।

उसके बाद जो Earth Tester है उसमे लगे हैंडल को हमें हाथ से घुमाना है। उसके बाद मुझे जो इसमें AC जनरेटर लगा रहता है, उसमें जो इलेक्ट्रिसिटी पैदा होगी वह दोनों स्पाइक लगे हैं इनमें से होते हुए Earth Electrode की मदद से वापिस से हमारे इस Earth Tester  में आएगी। उसके बाद जो इसमें जो मीटर लगा होता है, उस पर Earth Electrode की जो रेजिस्टेंस वैल्यू है, वह दिखाने लग जाएगा जो इसमें वैल्यू है कितनी होनी चाहिए यह हमारे सिस्टम के ऊपर निर्भर करता है।

Earth Electrode की रेजिस्टेंस वैल्यू कितनी होनी चाहिए?

जो एसेंशियल सिस्टम होते हैं, जैसे कि सर्वर और यूपीएस सिस्टम आदि उनमें जो Earthing रजिस्टेंस की वैल्यू है वह 0.5 ohm तक ही होनी चाहिए या उससे कम होनी चाहिए। हम नॉर्मल Earthing की बात करें तो उसकी वैल्यू 1-2 ohm से कम होनी चाहिए। लेकिन कहीं-कहीं पर Earthing रजिस्टेंस की वैल्यू 5 ohm तक चल जाती है। लेकिन किसी भी हालत में जो हमारी Earthing है उसकी वैल्यू उसके रजिस्टेंस की वैल्यू 5 ohm से अधिक नहीं होनी चाहिए।

इसके अलावा Earthing पिट की रजिस्टेंस वैल्यू चेक करने के लिए हमें एक बात ध्यान और रखनी है। जो Earthing Tester से अर्थ की वैल्यू को चेक करते हैं, तो हमें सिर्फ एक रीडिंग नहीं लेनी है हमें दो से तीन रीडिंग लेनी होती हैं। क्योंकि कही कही पे पहाड़ी या सुखी जमीन होने से सिर्फ एक रीडिंग के कारण Earthing की वैल्यू सही नही आती। इसी लिए हमें अलग अलग 2-3 रीडिंग लेनी चाहियें।

Earthing की अलग अलग रीडिंग कैसे लें?

जैसे अब ऊपर फ़ोटो में दिखाया गया है मान लीजिए पर हमारी इसमे  Earthing पिट है। हमने एक दिशा में 12.5-12.5 फ़ीट पे वैल्यू ले ली है। उसके बाद इससे अलग दिशा में हमें दो वैल्यू और लेनी है उसके बाद ही पता लगेगा हमारा Earthing पिट की जो वैल्यू आ रही है उसके हिसाब से हमारी Earthing सही है या नहीं। इसके लिए हम जब अलग दिशा में रीडिंग ले तो वो पहले वाली रीडिंग के 90° के एंगल पे होनी चाहिए। और इस से आगे रीडिंग ले तो भी 90° के एंगल पे होनी चाहिये।

यहां पर ध्यान रखने वाली बात यह है कि यह जो रेडिंग आएगी वह ohm में आएगी लेकिन मेगर में जो रीडिंग आती है वो मेगाओहम में आती है, जिसकी मदद से इंसुलेशन चेक की जाती है। अब मान लेते हैं हमारी पहली रीडिंग 1.3 ohm है, दूसरी 0.8 ohm और तीसरी 1.4 ohm आई है। तो इन तीनों को हम जोड़ देंगे तो जोड़ने के बाद हमारी रीडिंग होती है:-

टोटल – 1.3+0.8+1.4 = 3.5 ohm

तो अब जो टोटल वैल्यू 3.5 ohm की हम 3 से भाग कर देंगे क्योंकि हमने 3 ही रीडिंग ली थी।

Earthing Value = 3.5÷3 = 1.16 ohm

तो इसके बाद Earth Electrode की असल रजिस्टेंस वैल्यू हो 1.16 ohm निकल के आती है। यह हमारा फाइनल रिजल्ट आ जाता है तो इस तरीके से हम जान सकते हैं कि जो हमारी Earthing है वह प्रॉपर तरीके से काम कर रही है या नहीं कर रही।

उम्मीद है आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आई होगी। इसको आप अपने दोस्तों के साथ भी शेयर कर सकते हैं। साथ ही अगर अर्थिंग से जुड़े हुए आपके कोई और सवाल है, तो आप हमें कमेंट में पूछ सकते हैं।। इसके अलावा आप इलेक्ट्रिकल से जुड़े हुए वीडियो देखना चाहते है, तो इसके लिए हमारे यूट्यूब चैनल पर विजिट कर सकते हैं। और अगर आप इलेक्ट्रिकल से जुड़े आर्टिकल हिंदी में पढ़ना चाहते हैं तो हमारे इस ब्लॉग को चेक कर सकते हैं।

Previous articleDifference Between Neutral, Earthing and Grounding | Neutral vs Ground vs earth
Next articlePreventive Maintenance and Daily A Check of DG {Hindi}

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here