Difference Between AC And DC Wire | AC और DC वायर में अंतर

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आज की पोस्ट का विषय है AC और DC वायर के बीच मे क्या क्या अंतर होते हैं। अगर आप इलेक्ट्रिकल से जुड़े हैं तो इसकी जानकारी होना आपके लिए बहुत आवश्यक है। आप इलेक्ट्रिकल का काम करते हैं पढ़ाई करते हैं तब आपके मन मे AC और DC वायर के बीच अंतर को लेके बहुत से सवाल आते होंगे, इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए इस पोस्ट को पूरा पढ़ें।

वैसे देखने मे तो AC और DC वायर में कोई खास अंतर नही होता, आप AC और DC वायर को एक दूसरे की जगह इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन फिर भी लंबे समय के लिए जहा काम करना हो वहाँ यही सलाह दे जाती है के आप करंट के हिसाब से AC या DC वायर का चुनाव करें।

AC और DC वायर में कुछ मुख्य अंतर नीचे दिए गए हैं।

  • इंसुलेशन
  • कंडक्टर का प्रकार
  • जिंक कोटिंग
  • UV प्रोटेक्शन

इंसुलेशन

आप वायर के इंसुलेशन को देख  आसानी से पता लगा सकते हैं कि वायर AC है या DC, अगर AC की बात करें तो AC वायर में कंडक्टर के ऊपर इंसुलेशन की एक परत चढ़ाई जाती है, जबकि DC वायर में कंडक्टर के ऊपर इंसुलेशन की 2 परत चढ़ाई जाती हैं। क्योंकि DC वायर में ज्यादा करंट बहता है जिस से वायर के गर्म होने के ज्यादा चांस होते हैं दूसरा ज्यादातर DC वायर खुले में पड़ी रहती है तो धूप की गर्मी और मौसम की मार से बचाने के लिए DC वायर पे इंसुलेशन की एक अतिरिक्त परत चढ़ाई जाती है।

कंडक्टर का प्रकार

AC और DC वायर में एक अंतर आप इनके कंडक्टर को देख के भी पता लगा सकते हैं। क्योंकि AC वायर में आप जब उसकी इंसुलेशन को हटाएंगे तो नीचे आपको पतले पतले बहुत से कंडक्टर दिखाई देंगे। जबकि DC की बात करें तो जब आओ AC वायर के आकर के बराबर की DC वायर के ऊपर से इंसुलेशन हटाएंगे तो आपको AC वायर के मुकाबले ज्यादा और पतले कंडक्टर देखने को मिलेंगे।

जिंक परत

AC और DC वायर में एक फर्क आप इनके कंडक्टर के ऊपर जी जाने वाली जिंक की परत कोबदेख के लगा सकते हैं। AC वायर में कंडक्टर के ऊपर धातु की कोई अलग परत नही होती, जबकि DC वायर में तांबे के कंडक्टर के ऊपर जिंक की एक अलग से परत होती है जिसके कारण DC वायर का कंडक्टर चांदी के रंग जैसा दिखने लगता है। ये जिंक की परत कंडक्टर को बारिश और दूसरे मौसमी आघात से बचाने के लिए चढ़ाई जाती है

UV प्रोटेक्शन प्रमाणित

AC और DC वायर में AC वायर का UV से बचाव नही होता जबकि DC वायर को UV प्रोटेक्टेड बनाया जाता है, ताकि उसको सूर्य की हानिकारक UV किरणों से बचाया जा सके। इसीलिए DC वायर लेने से पहले ये सुनिश्चित करना चाहिए कि DC वायर UV और MNRE प्रमाणित है या नही।

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साइज कैलकुलेशन

अब लास्ट में आपको हम एक बोनस टिप्स देना चाहेंगे, मैन लेते हैं आपको कही DC वायर लगानी है तो किस साइज की लगानी है ये आप कैसे पता करेगे, वैसे इसका पता लगाने के लिये एक जटिल फार्मूला होता है लेकिन अगर आप घर या किसी छोटी जगह पे DC वायर लगाना चाहते है तो हम आपको आसान भाषा मे बतायेगे। इनके लिए सबसे पहले आपको ये देखना होगा कि आपका लोड कितने amp करंट लेता है फिर उसको 5 से भाग कर दीजिए, तो जो गिनती आएगी उतने MM की आपको वायर इस्तेमाल करनी है।

उदहारण के लिए मानते हैं आपको लोड 20A है,

तो 20÷5 = 4mm

इस हिसाब से आपको 4mm के वायर की जरूरत पड़ेगी लेकिन अच्छे संतुलन व किसी खराबी से बचने के लिए आपको इस से 20 से 25% अधिक की वायर इस्तेमाल करनी चाहिए जैसे 4mm का 25% 1mm होता है

तो 4+1 = 5mm

तो ऐसे में आपको 5mm की वायर इस्तेमाल कर सकते हैं।

         

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